Best Moral Story ! चतुर सेवक

चतुर सेवक
एक गांव था जिस गांव का नाम श्यामपुर था । उस गांव में एक किसान रहता था। वह अपने नोकर के साथ रहता था। एक दिन किसान को दो आम मिला वह आम लेकर घर आ रहा था। रास्ते मे उसे एक साधु बाबा मिले । किसान साधु बाबा को गौर लगकर बोलै बाबा आप आज हमारे घर भोजन खाने चलिये। बाबा ने किसान के साथ उसके घर आये। घर आकर उसने
नौकर से खाना बनाने को कहा और आम ढोकर काट दे। इतना कह किसान बाहर किसी काम से चलागया
आम के खुशबू से नौकर के मुह में से पानी आ रहा था। उसने एक छोटा टुकड़ा कहा लिया।उसका और खाने का मन किया । वह थोड़ा थोड़ा करकर सारा आम खा लिया। आम खत्म हो गया। अब वह सोचा में
पर गया कि किसान आएगा तो क्या जबाब देगे। उसे
एक उपाय झुझा । वह साधु के पास जाकर छुरी पिजाने लगा। साधु ने पूछा यह क्या कर रहे हो । उसने कहा किसान रोज एक बाबा को बुलाते हैं और दोनों कान काट लेते हैं।यह बात सुन साधु बाबा वह से भागे
उसी वक़्त किसान वापस आया । उसने बाबा को भागते देखकर किसान ने पूछा बाबा आप भाग क्यो रहे हो । तब तब नौकर बोल पर की दोनो आम झींकर भाग रहे हैं। किसान उनके पिच दौरा एक तो दे दीजिए
साधु ने सोचा एक कण मैग रहा है। वह और भी तेजी से वहाँ से भाग गया। वह बार बार एक ही बात सोच रहा था कि क्या समय है। आज आम लेकर साधु भाग गया।

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